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Uttarakhand relief work

Download Relife work by Gayatri Pariwar during KedarNath Disaster
  • Size:2 MB
  • Format:PDF
  • Lang:English
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    अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख एवं देसंविवि के कुलाधिपति डॉ.प्रणव पण्ड्याजी, शांतिकुञ्ज के व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा जी एवं दे.सं.वि.वि.के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या नेपाल में गायत्री परिवार द्वारा चलाये जा रहे आपदा का निरीक्षण करने, भावी योजना बनाने एवं पुनर्वास हेतु विशिष्ट भूमिका सम्पादित करने नेपाल पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री के.पी.ओली, एवं चीफ सेक्रेटरी श्री लीलामणि पौडियाल से विशेष चर्चा करने 4 मई को काठमाण्डू पहुँचे। उल्लेखनीय है कि आपदा के दूसरे ही दिन 26 अप्रैल को ही दर्जन भर वाहनों से श्री वीरेन्द्र तिवार...
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    १६-१७ जून को अतिवृष्टि और बाढ के परिणाम स्वरूप उत्तराखंड के केदारनाथ, गंगोत्री आदि क्षेत्र में बादल फटने से  हुई भारी तबाही के समय शांतिकुंज के  आपदा प्रबंधन ने अविलम्ब राहत कार्य आरम्भ किया ।प्रशासन की अपील पर शांतिकुंज व्यवस्था की आपात बैठक हुई। जिसमें राहत सामग्री शीघ्र भेजने का निर्णय हुआ। लगभग ७५००० खाने के पैकेट्स आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाये गये। इनमें से सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा लगभग ४०,००० पैकेट्स आपदा प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों में पहुँचाये गये।शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैल दीदी एवं अखिल विश्व गायत्री...
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    घटना की तारीख: 26  जनवरी 2001समय: 8:46परिमाण रिक्टर पैमाने पर 6.9Epicenter: 23.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.8 डिग्री पूर्वी देशांतरभुज से 20 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 110 किलोमीटर दूर जामनगर के उत्तर नॉर्थ ईस्ट.दिनांक- 27-01-2001 को शान्तिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का एक दल अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ, नौ कार्यकर्त्ता भचाऊ पहुँचे व दो मोरबी एवं महिया पहुँचे और मौके पर ही आई हुई आपदा का निरिक्षण किया।...
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    दिनांक 01.05.2010 को उत्तरकाशी जनपद की तहसील मोरी के अन्तर्गत ग्राम सिंदरी में भीषण अग्निकाण्ड में लगभग 26 घर सभी सामान सहित जलकर नष्ट हो गये तथा 02 व्यक्तियों की जलकर मृत्यु हो गयी व 12 घायल हुये। ग्राम के अनेक पशु भी जल गये ।। सूचना प्राप्त होते ही श्री कामता प्रसाद साहू जी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय दल श्री गौरीशंकर जी . व्यवस्थापक के निर्देश पर सिंदरी उत्तरकाशी केा रवाना हुआ ।...
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    01 मई 2009 को चण्डीपुल के नीचे बसी हुयी बस्ती में दिन में लगभग 12 बजे आग लग गयी और कुछ ही समय में लगभग 200 झोपड़ियां जल कर कर नष्ट हो गयीं। अग्नि कांड मं कोई जन हानि नहीं हुयी। शान्तिकुञज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा जी की अध्यक्षता में गोष्ठी 1.5.2009 की गयी व लगभग 400 लोगो हेतु भोजन बनवाकर भिजवाया गया। ...
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    13.1.2007 के दिन में अचानक आग लग गयी और लगभग 60. 70 झोपड़िया जलकर राख हो गयी। श्री गौरी शंकर शर्मा जी. व्यवस्थापक शान्तिकुञज के निर्देश पर श्री विष्णु मित्तल जी के नेतृत्व में आपदा राहत दल भेजा गया। ...
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    उत्तराखंड में दस दिनों तक हुई मुसलाधार वर्षा से गढ़वाल व कंमायू क्षेत्र में नदियों में बाढ़ आ जाने से हरिद्वार जिले मे लक्सर व खानपुर ब्लाक के 40 गांवों में भारी मात्रा में जान माल की भारी क्षति हुयी ।...
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    22 अगस्त को सुपौल जिले का कोसी नदी पर बना बांध टूट जाने से 100 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र भयंकर बाढ़ की चपेट में आ गया । लगभग 10 गांव तो पूरी तरह समाप्त हो गये तथा हजारों लोगों को बचने का मौका भी न मिला ।...
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    जनपद आजमगढ़ के उत्तरी हिस्से में महुला गढ़वाल घाघरा नदी के किनारे पर एक बड़ा बांध है जिससे जुलाई 2008 में आयी भयंकर बाढ़ से बांध के दूसरी ओर बसे सैकड़ों गांव ( लगभग 135 )जलमग्न हो गये तथा मकान ढह गये ।। मुख्य कार्यालय शान्तिकुञज सूचना मिलते ही श्री विष्णु मित्तल जी के नेतृत्व में टोली लालघाट, आजमगढ़ पहुंची। गोष्ठी करने के तत्पश्चात योजना बनाकर राहत कार्य 30 जुलाई 2008 से आरंभ किया गया ।...
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    2008 जुलाई माह के द्वितीय सप्ताह में घाघरा व कुआनों नदी में आई बाढ़ ने लगभग 150 ग्रामों का जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया ।। किसान फसल डूब जाने से तबाह हो गये व मजदूरों को रोजी रोटी के लाले पड़ गये। कई परिवार बेघर हो गये। शासन प्रशासन उदासीन बना हुआ था आखिर पीड़ित लोग किससे गुहार करे। ...
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    घाघरा नदी के तट पर बसे गांव देवारा खास राजा में 24.4.2008 को थ्रेसर से निकलती हुयी चिंगारी से गांव के 42 घर जल कर राख हो गये। दो घटे चले इस भीषण अग्निकाण्ड में दो महिलायें एक दूध मुंहा बच्चा व एक पुरुष काल के ग्रास बन गये। ...
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    बुन्देलखण्ड में चार साल से पड़ रहे सूखे ने जनमानस को झकझोर दिया है ।। इस आपदा से निपटने के लिये अब आम आदमी धर्म की शरण में पहुंच गया है ।पानी के जीव तड़पकर मर गये तथा जंगलों से जीव मैदान में पानी तलाशते फिर रहे है ।। सूखे से बेहाल लोगों के हाथ बारिश की मनोकामना के लिये एक साथ उठ गये ।...
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    दिनांक 13.8.2006 को आयी आकस्मिक भीषण बाढ़ जो लगभग सप्ताह भर तांडव दिखाती रही, जिससे जिले के 30- 40 घर बाढ़ में डूब गये। यह दुर्घटना प्रशासन द्वारा अचानक बांधों का पानी छोड़ देने के कारण हुई। श्री गौरीशंकर शर्मा जी. व्यवस्थापक शान्तिकुञज के मार्गदर्शन में श्री परमेश्वर साहू जी व श्री अरुण खण्डाभले की टोली पहुंची व बेस कैंप में विचार विमर्श के तत्पश्चात राहत कार्य प्रारंभ किया गया। ...
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    3 लाख की आबादी पर सीधा प्रभाव पड़ा। बसही में 300 से ज्यादा घर बह गये साथ ही मनुष्यों की जीवन लीला भी समाप्त हो गयी ।। सूचना प्राप्त होते ही श्रद्धेय डा. साहिब व शल जीजी के निर्देष पर आ. श्री गौरीशंकर भाईसाहब की अध्यक्षता में श्री सच्चिदानंद बढ़ौनी, श्री किरण पटेल एवं श्री प्रभाकर सत्यार्थी आदि की 30सदस्यीय टोली, पटना युवा मंडल की टोली के साथ बेस कैम्प बेगूसराय पहुंचे तथा विचार विमर्श का राहत कार्य आरंभ किया ।...
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    28.11.2006 को गाम ढारमोर में आग लगने के कारण पूरी तरह जल गया था ।। 2.12.2006 को सांयकाल प्रशासन से सूचना मिलते ही श्री गौरीशंकर शर्मा जी. व्यवस्थापक शान्तिकुंज ने राहत कार्य हेतु श्री विष्णु मित्तल जी के नेतृत्व में भाईयों की टोली, राहत सामग्री के साथ 3.12.2006 को ढारमोर ग्राम के लिये रवाना हुये...
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    मुंबई (महाराष्ट्र)में हुई अतिवृष्टि के कारण आई बाढ़ ने मुंबई का जन जीवन अस्त. व्यस्त कर दिया। जिससे मुंबई के उल्लास नगर विट्ठलवाड़ी, वाशी, नेरुल, पनवेल, दादर, कंदीवली, बर्सइ आदि मुख्य रुप से प्रभावित हुये। भीषण बाढ़ के कारण यातायात, संपर्क माध्यम सभी प्रतिबाधित हो बये थे। ...
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    दिनांक 7.8.2006 से 12.8.2006 तक पांच दिन तक बाढ़ का पानी भरा रहा जिससे लाखों लोग प्रभावित हुये तथा से दस लाख लोग पलायन कर गये। श्री गौरीशंकर शर्मा जी. व्यवस्थापक शंiति कुंज की अध्यक्ष्ता में गोष्ठी होने के पश्चात श्री विष्णु मित्तल जी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन टीम 11.8.2006 को रवाना होकर 12.8.2006 को सूरत पहुंची। 13.8.2006 से सर्वे कार्य करने के पश्चात बेस कैम्प रांदेर में स्नेह संकुल बाड़ी को बनाया गया ।...
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    भोपाल मध्य जोन के अन्तर्गत दमोह उपजोन में दमोह, सागर, पन्ना, छतरपुर में 2 जलाई से 6 जुलाई तक अतिवृष्टि होने से भयंकर बाढ़ आ गई।अत्यधिक जल वृष्टि से पानी नदियों के आसपास फैल गया व इस पानी के डल्टे बहाव के कारण सैकड़ों गांव पूरे व अधूरे पानी में डूब गये। जिस कारण रेल ,, सूचना बिजली संपर्क टूट गया व भारी मात्रा में पशुओं के जान की भी हानि हुयी। ...
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    गुजरात राज्य में 25.6.2005 से 3.7.2005 तक हुई अति वृष्टि से कई जिलों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया ।। इस भीषण वर्षा ने बाढ़ का रुप धारण कर लिया जिससे घरो में औसत 3.5 फीट तक पानी भर गया ।। रेल, जमीन, टेलीफोन, बिजली आदि की सभी समस्यायें ठप्प हो गयीं ।। बाढ़ का प्रकोप मुख्यताः बलसाड़, आणन्द, अहमदाबाद, खेड़ा, नड़ियाद व बड़ौदा जिले प्रभावित हुये । ...
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    दिनांक 17.7.2001 को रुद्रप्रयाग से आगे व्यूडांग व फारा पर बादल फटने से दैवीय आपदा का अतिक्रमण हुआ। जिससे लगभग सभी लोग प्रभावित हुये।...
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    29.10.1999 से 31.10.1999 तक भयंकर तूफान व वर्षा, जिससे लगभग 11 जिलों में व्यापक क्षति हुई व गांव के गांव के उजड़ गये। लगभग 200 घरों का निर्माण, साथ ही स्कूल, मंदिर, सड़क पुल का निमार्ण व सफाई. पीड़ितों को कम्बल, गर्म कपड़े,साड़ी, पैंट कमीज, बच्चों के कपड़े ...
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    व्यूनी बाजार में रेस्टोरेंट में शार्ट सर्किट होने के कारण भीषण अग्नि कांड, सिलेन्डर फटने से आरम्भ हुयी व देखते ही देखते आवासीय भवन व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी अपनी चपेट में ले लिया ।। इस अग्निकाण्ड में सभी कुछ अग्नि को भेंट चढ़ गया। ...
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    हरिद्वार जनपद के लक्सर के समीप डुमनपुरी में भीषण अग्निकांड से कई लोगों की जानमाल की हानि हुयी। 22 टैंट का निमार्ण, सौ से अधिक भोजन पैकेट. त्रिपाल, छाजन त्रिपाल, बर्तन, कम्बल, पहनने के कपड़े ओड़ने बिछाने के कपड़े तथा बच्चो के स्कूली बस्ते। चिकित्सा दल द्वारा 79 पुरूषों, 78 महिलाओं व बच्चों व 66 बच्चों का स्वास्थ्य परिक्षण व औषधि वितरण कार्य। लगभग 200 लोगों के साथ गोष्ठी कर श्रम विकास की योजनायें तैयार की। ...
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    Date: 26 Dec, 2004 After the Tsunami attack Aapda Prabandhan Team from Shantikunj, Haridwar headed by Dr.Brij Mohan Gour reached Nagapattinam. All Our volunteers were stated serving the emergency victims by distributing cloths, medicines, food, etc....
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    Date: 28-May-2009 AILA cyclone started on 25 May 2009. Centre of AILA was islands of 24 Pargana South District of W.B. Disaster Management Cell ,Shantikunj directed to Gayatri Chetna Kendra Kolkata to help victims. Parijans of Kolkata Gayatri Pariwar held a meeting at Gayatri Chetna Kendra for the play active role in relief work due to AILA Disaster...
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    On 2nd August 2007 about 117 villages of Begusarai district of Bihar were flooded with water. In due course, many villages of Samastipur district were also flooded.Gayatri Pariwar conducted relief work in the Begusarai and Samastipur districts of Bihar. Distributed food, clothes, plastic and tents. The relief work was done especially in those remote villages that were surrounded by 5-6 feet water....
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    Date: 28th January, 2008 (started relief work) Relief Work Dates: started on 28/01/2008 and was continuing till this report was compiled in June 2008. Nature of relief activity: distributing fodder for cattle. From February 2008 to the first week of May 2008 about 170 ton fodder had been distributed to about 10000 cattle animals......
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